KSVY Scheme 2026-27: भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे वैश्विक पटल पर और मजबूत करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने कला संस्कृति विकास योजना के तहत अनुदान वर्ष 2026-27 के विभिन्न घटकों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। देश भर के पात्र कलाकार, सांस्कृतिक संगठन, गैर-सरकारी संगठन, शोधकर्ता और संस्थान इस योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।

क्या है कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) का मुख्य उद्देश्य?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश की विविध कला और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना है। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

गुरु-शिष्य परम्परा (रिपर्टरी अनुदान)

भारतीय पारंपरिक कलाओं को जीवंत रखने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) के तहत ‘गुरु-शिष्य परम्परा (रिपर्टरी अनुदान)’ 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला विधाओं (नृत्य, संगीत, लोक कला, रंगमंच) का संरक्षण करना और इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाने वाले गुरुओं व शिष्यों को आर्थिक संबल देना है।

सांस्कृतिक समारोह एवं उत्पादन अनुदान योजना (सीएफपीजीएस)

देश भर में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक गतिविधियों, सेमिनार और त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने अपनी लोकप्रिय योजना ‘सांस्कृतिक समारोह एवं उत्पादन अनुदान योजना (CFPGS)’ वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले सांस्कृतिक उत्सवों, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, और नए नाट्य/कला प्रस्तुतियों के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति रखने वाले सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता

देश की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रमोट करने वाले संस्थानों के लिए संस्कृति मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय ने कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) के घटक ‘राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति रखने वाले सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता’ वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिष्ठित और बड़े सांस्कृतिक संगठनों को मजबूती देना है, जिनका कार्यक्षेत्र और प्रभाव किसी एक राज्य तक सीमित न होकर पूरे देश में फैला हुआ है।

‘वरिष्ठ/कनिष्ठ स्तर की फेलोशिप’ योजना

देश के प्रतिभावान कलाकारों और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध (Research) कर रहे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने एक बड़ा अवसर दिया है। मंत्रालय ने कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए ‘वरिष्ठ/कनिष्ठ स्तर की फेलोशिप’ योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय संगीत, लोक कला, पारंपरिक रंगमंच, दृश्य कला और लुप्तप्राय सांस्कृतिक विधाओं पर गहन अध्ययन या उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति

देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने एक बेहतरीन अवसर दिया है। मंत्रालय ने कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए ‘विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति’ योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य, दृश्य कला, रंगमंच और लुप्तप्राय लोक कला विधाओं में विशेषज्ञता हासिल कर रहे युवा कलाकारों को उनके उन्नत प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

टैगोर राष्ट्रीय सांस्कृतिक अनुसंधान फैलोशिप

देश के शीर्ष विद्वानों, विचारकों और शोधकर्ताओं को अकादमिक सहयोग देने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित योजना के तहत कदम आगे बढ़ाए हैं। मंत्रालय ने कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) के प्रमुख घटक ‘टैगोर राष्ट्रीय सांस्कृतिक अनुसंधान फैलोशिप वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य संस्कृति मंत्रालय के विभिन्न संग्रहालयों, अभिलेखागारों और पुस्तकालयों में मौजूद अमूल्य ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संसाधनों पर उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा देना है।

आवेदन कैसे करें?

पात्र कलाकार और संगठन संस्कृति मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इन योजनाओं की गाइडलाइंस देख सकते हैं और तय समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

By GRAM SABHA TV

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