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Kaimganj: कुबेरपुर में डब्बा मियां दरगाह पर सालाना उर्स की धूम: अजमेरी ब्रदर्स की कव्वाली पर हुई नोटों की बरसात

कायमगंज/फर्रुखाबाद। Kaimganj: क़स्बा कायमगंज के गाँव कुबेरपुर में हज़रत फ़तेह मुहम्मद ख़ान उर्फ़ डब्बा शाह मियां (Fateh Mohammad Khan / Dabba Shah Miyan) रहमतुल्लाह अलैह के मज़ार-ए-अक़दस पर मुनक़्क़िद सालाना उर्स-ए-पाक इस बार भी अपनी शायरी और रूहानियत के साथ हज़ारों दिलों को मुनव्वर कर गया। यह सह-रोज़ा उर्स 27 अक्टूबर को ‘क़ुल शरीफ़’ की मुक़द्दस रस्म के साथ इख़्तिताम पज़ीर हुआ, जिसमें मुल्क़ के मुख्तलिफ़ हिस्सों से आए हज़ारों ज़ाएरीन ने शिर्कत फ़रमाई।

उर्स का सबसे अहम मरकज़ ‘महफ़िल-ए-कव्वाली’ (Mehfil-E-Qawwali) रही। इसमें हिंदुस्तान के जाने-माने कव्वाल अजमेरी ब्रदर्स (Ajmeri Brothers) यानी फ़ैज़ान अजमेरी (Faizan Ajmeri) और फ़राज़ अजमेरी (Faraz Ajmeri) की जोड़ी ने अपनी शानदार पेशक़श से समां बाँध दिया। उनके सूफ़ियाना कलामों और ग़ज़लों पर श्रोताओं का इज्तिमा (भीड़) जज़्बाती हो उठा।

अक़ीदतमंदों ने ख़ूब की नोटों की बरसात

कव्वालों की ईमान-अफ़रोज़ तर्ज़ पर मुतास्सिर होकर अक़ीदतमंदों ने ख़ुशी में ‘नज़राना-ए-अक़ीदत’ के तौर पर नोटों की ख़ूब बरसात की, जिससे उर्स की शान-ओ-शौक़त में इज़ाफ़ा हुआ। कव्वाली का यह सिलसिला सुबह की अज़ान तक जारी रहा। इस महफ़िल में अजमेरी ब्रदर्स के अलावा, बरेली की क़हकशां और शमशाबाद के मतलूब मंसूर नियाज़ी ने भी अपने ख़ूबसूरत अंदाज़ और सूफ़ी मौसीक़ी से हाज़िरीन का दिल जीत लिया।

महफ़िल-ए-मिलाद से कव्वाली तक, तीन दिन छाई रही रूहानी ख़ुशी

सालाना उर्स का आग़ाज़ 25 अक्टूबर को ‘महफ़िल-ए-मिलाद’ से हुआ था। इसके बाद 26 अक्टूबर को ‘ग़ारिफ़ शरीफ़’ की रस्म अदा की गई, जिसके तक़रीबन बाद ही महफ़िल-ए-कव्वाली का एहतिमाम किया गया। उर्स के आख़िरी रोज़ यानी 27 अक्टूबर को ‘क़ुल की फ़ातिहा’ हुई और तबर्रुक़ तक़्सीम किया गया, जिसके साथ ही यह मुक़द्दस मज़हबी इज़्तिमा अक़ीदत के साथ इख़्तिताम को पहुँचा।

कुबेरपुर उर्स में सियासी और समाजी रहनुमाओं की हाजिरी

इस बा-बरकत मौक़े पर क़ाबिल-ए-एहतिराम शख़्सियात में सीनियर कांग्रेस लीडर आफ़ताब ख़ान, ग्राम प्रधान इरफ़ान अली ख़ान, पूर्व प्रधान व ज़िला पंचायत के उम्मीदवार अदील ख़ान, यूथ कांग्रेस लीडर और ज़िला पंचायत के उम्मीदवार अब्दुल वासे ख़ान उर्फ़ जुनैद मम्मा समेत आवेज़ ख़ान, लईक ख़ान, समी ख़ान, रहबर ख़ान जैसे अफ़राद भी मौजूद रहे।

कमेटी ने संभाला शानदार इंतेज़ाम

उर्स के हुस्न-ए-इंतज़ाम में यासीन ख़ाँ, गुड्डू ख़ाँ, नज़म ख़ाँ, अली यासर ख़ाँ, बाबू ख़ाँ, माबूद ख़ाँ, चमन खां, जावेद खां जैसे जिम्मेदारान ने अपना क़ीमती तआवुन पेश किया।

‘महफ़िल-ए-कव्वाली’ देखने के लिए क्लिक करें

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