मोहम्मद आकिब खांन, लखनऊ: लखनऊ में कुर्सी रोड स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी (Integral University) में सोमवार को 16वां दीक्षांत समारोह (Convocation) आयोजित किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने हिस्सा लिया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्लानिंग कमीशन के भूतपूर्व सदस्य तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के पूर्व चांसलर डॉ. अरुण मायरा शामिल रहे। इस दौरान 3830 छात्रों को अलग-अलग वर्गों में डिग्रियां तथा मेधावियों को गोल्ड व सिल्वर मेडल देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि कुंवर मनवेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और कहा,
“यह दीक्षांत दिवस आपके कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, जो 2004 में स्थापित हुई थी, आज एक प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान बन चुकी है। शिक्षा का यह मंच न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपने अपनी शिक्षा के माध्यम से न केवल ज्ञान अर्जित किया है, बल्कि आप भारत की विविधता में योगदान देने के लिए तैयार हैं।”
डॉ. अरुण मायरा ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा,
“सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। सुनना भी एक प्रकार की शिक्षा है। हमें प्रकृति की आवाज़ों को सुनना चाहिए, उन लोगों की आवाज़ सुननी चाहिए जो हमसे अलग हैं, तभी हम सच्चे अर्थों में शिक्षित हो सकते हैं।”
विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर प्रोफेसर सैयद वसीम अख्तर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा,
“आप अपनी वर्षों की कठिन मेहनत का फल पाकर यहां तक पहुंचे हैं। यह शपथ लें कि आप जीवन में कभी भी गलत रास्ते पर नहीं चलेंगे। हालांकि, वह रास्ता अस्थायी लाभ दे सकता है, लेकिन अंत में वही रास्ता आपको नुकसान पहुंचाएगा। अपने माता-पिता का सम्मान करें, वे आपके जीवन का सबसे बड़ा सहारा हैं। हमेशा अपने शिक्षकों का धन्यवाद करें, जिन्होंने आपको इस मुकाम तक पहुंचाया है। अगर आप जीवन में महानता प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप कड़ी धूप में मेहनत से डर कर छांव तलाश ना करें बल्कि ख़ुद पर यकीन रखें आप वो सब कर सकते हैं जो भी आप सोच सकते हैं”
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जावेद मुसर्रत ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने रिपोर्ट में विश्वविद्यालय की कई उपलब्धियों का उल्लेख किया और बताया कि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने शिक्षा, अनुसंधान, और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रोफेसर मोहम्मद हारिस सिद्दीकी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समारोह में शामिल सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
3830 छात्रों को मिली डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में कुल 3830 डिग्रियां वितरित की गईं, जिनमें 177 पी एच डी. की डिग्रियां, 1075 पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रियां, 2389 स्नातक डिग्रियां और 189 डिप्लोमा डिग्रियां शामिल थीं। विभिन्न श्रेणियों में कुल 86 स्वर्ण पदक और 87 रजत पदक प्रदान किए।
इनको मिला उत्कृष्ट सम्मान
एमएससी गणित की छात्रा इरम नाज़ ने पूरे विश्विद्यालय में टॉप कर स्वर्ण पदक जीता एवं एमटेक बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा अलवीरा परवीन आकिल ने रजत पदक जीता। इसके अलावा बीबीए – आईबीएम द्वितीय वर्ष के छात्र तनवीर आलम को टेक इनोवेशन स्टार्ट अप के सिद्धि इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (एफिलिएट करो) के लिए एवं एमसीए द्वितीय वर्ष के छात्र अराफात आलम खान को डार्क इलाफी परफ्यूम स्टार्ट अप के लिए सम्मानित किया गया। डा तहमीना को रसायन विज्ञान, प्रोफेसर आसमा फारूक को मैनेजमेंट एवं डॉ आसिफ खान को कंप्यूटर एप्लीकेशंस के लिए उत्कृष्ट शोध के लिए ग्रांट प्रदान की गई।