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Urs-e-Razvi 2026 का पर्चम कुशाई से 06 अगस्त को होगा आग़ाज़, ज़ायरीन की आमद शुरू

बरेली। Urs-e-Razvi 2026 दरगाह आला हज़रत पर सालाना ‘उर्स-ए-रज़वी’ के शुरू होने में अब महज दो दिन शेष रह गए हैं। आगामी 06 अगस्त (गुरुवार) को दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां रज़वी द्वारा परचम कुशाई की रस्म के साथ उर्स का औपचारिक आग़ाज़ किया जाएगा। उर्स में शामिल होने के लिए मॉरीशस, नेपाल और देश के कोने-कोने से ज़ायरीन पहुंचने लगे हैं, जिससे दरगाह क्षेत्र में खासी रौनक देखने को मिल रही है।

ज़ायरीन के ठहराव के लिए दरगाह मेहमानखाना, मदरसा मंजर-ए-इस्लाम और अफ्रीकी हॉस्टल में इंतजाम किए गए हैं। सय्यद आसिफ मियां की निगरानी में इस्लामिया मैदान से लेकर दरगाह आला हज़रत तक की तमाम तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा

मंगलवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह और नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने उर्स स्थल ‘इस्लामिया मैदान’ का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बारिश के कारण मैदान में एकत्र पानी को निकालने और जमीन को समतल करने के सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने उलेमा व ज़ायरीन के बैठने के लिए बन रहे पंडाल और मंच का जायजा लेते हुए सभी कार्य 05 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने को कहा है। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इस बार ज़ायरीन की सहूलियत के लिए पहले से बड़ा पंडाल तैयार किया जा रहा है।

250 स्टालों में मिलेगा आला हज़रत का साहित्य

मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया उर्स के दौरान इस्लामिया मैदान में एक बड़ा अस्थाई धार्मिक पुस्तक मेला लगाया जा रहा है, जिसमें लगभग 250 स्टाल शामिल होंगे। यहां ज़ायरीन को रियायती दरों पर आला हज़रत का साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा। कुरान का अनुवाद ‘कंजुल ईमान’, फतवों का संग्रह ‘फतावा रजविया’, नातिया दीवान ‘हदाइक-ए-बख्शिश’, ‘हुसामुल हरमैन’, ‘बहारे शरीयत’, ‘अल-मलफूज़’, ‘फ़ौज-ए-मोबीन’, ‘तमहीद-ए-ईमान’ और ‘अल-दौलत उल-मक्किया’ जैसी चर्चित किताबें प्रमुखता से उपलब्ध रहेंगी। ज़ायरीन की सुविधा के लिए उर्स स्थल पर अस्थाई चिकित्सालय, पूछताछ कार्यालय के साथ-साथ रेलवे, नगर निगम, मीडिया और नागरिक सुरक्षा संगठन के सहायता कैंप भी लगाए जा रहे हैं। उर्स की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दरगाह कमेटी के वॉलिंटियर्स और कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं।

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