जयपुर/नई दिल्ली: साहित्य और विचारों के महाकुंभ ‘जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ (Jaipur Literature Festival) ने अपने लैंडमार्क 20वें संस्करण के लिए वक्ताओं की पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। वेदांता द्वारा प्रस्तुत यह प्रतिष्ठित महोत्सव 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित किया जाएगा।
अपने दो दशकों के सफर का जश्न मनाते हुए, इस बार जेएलएफ में नोबेल, बुकर और पुलित्जर पुरस्कार विजेताओं से लेकर पद्म भूषण से सम्मानित दिग्गजों का समागम देखने को मिलेगा।
आयोजन: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2027 (20वां संस्करण)
तिथि: 14 से 18 जनवरी 2027
स्थान: होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर (राजस्थान)
वैश्विक और भारतीय साहित्य का अनोखा संगम
इस वर्ष घोषित पहली सूची में अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेता एस्तेर डुफ्लो और साहित्य में नोबेल विजेता ओल्गा तोकारचुक मुख्य आकर्षण होंगी। इसके अलावा मीरा स्याल, लाइस डूसेट, जेम्स वुड, इसाबेला हम्माद, मार्कस डु सोतॉय और स्टीव ब्रुसाटे जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शिरकत करेंगी। भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं की विविधता को दर्शाते हुए इस सूची में नामचीन लेखक, वैज्ञानिक, कानूनविद, पत्रकार और कलाकार शामिल हैं।
भारतीय भाषाएं व साहित्य: अनामिका (हिंदी), बी. जयमोहन (तमिल व मलयालम), दामोदर माउजो (कोंकणी), राधावल्लभ त्रिपाठी (संस्कृत), ध्रुवज्योति बोरा (असमिया), मकरंद साठे (मराठी), पॉल जकारिया (मलयालम), वासुधेंद्र (कन्नड़), गौतम चौबे (हिंदी व भोजपुरी), राम मोरी (गुजराती) और गीतांजलि श्री।
सामाजिक व कानूनी दिग्गज: जस्टिस संजय किशन कौल, इंदिरा जयसिंह, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी और सुधा मूर्ति।
वैश्विक विचारक व लेखक: होमी के. भाभा, किरण मजूमदार-शॉ, प्रबल गुरुंग, तहमीमा अनम, अवनी दोशी, श्रावणी बसु, वैली नसर और लुईस कैनेडी।
साहित्य के साथ विज्ञान और कला का तड़का
20वें संस्करण में केवल साहित्य ही नहीं, बल्कि विज्ञान, इतिहास, लोकतंत्र, वैश्विक राजनीति, फैशन और कला पर भी चर्चा होगी। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के गणितज्ञ मार्कस डु सोतॉय और जीवाश्म विज्ञानी (palaeontologist) स्टीव ब्रुसाटे विज्ञान की समझ साझा करेंगे, जबकि जादूगर ड्रमंड मनी-काउट्स और फैशन डिजाइनर प्रबल गुरुंग कला व संस्कृति के रंग भरेंगे।
आयोजकों का कहना है
“बीस साल बाद भी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की मूल भावना अपरिवर्तित है—एक ऐसा खुला मंच जहाँ नए विचारों का टकराव होता है और नई बातचीत की शुरुआत होती है। हमारी युवा आबादी 5 दिनों तक साहित्य, संगीत, भोजन और कला का उत्सव मनाने एकत्र होती है।”
संजीव के. रॉय (प्रबंध निदेशक, टीमवर्क आर्ट्स)
“जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 20 साल पूरे होना एक अद्भुत पड़ाव है। जयपुर को जो चीज़ खास बनाती है, वह है स्थापित साहित्यिक हस्तियों से लेकर उभरते लेखकों, वैज्ञानिकों और विचारकों का दायरा। यह 20वां संस्करण उसी खोजपरक भावना का जश्न मनाएगा।”
विलियम डेलरिम्पल (सह-निदेशक, JLF)
“पिछले दो दशकों में राजस्थान के जयपुर में एक छोटे से उत्सव के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन आज ग्रह का सबसे बड़ा और विश्वसनीय साहित्यिक मंच बन गया है। जनवरी द्वैध रूप वाले ‘जानुस’ का महीना है जो अतीत और भविष्य दोनों को देखता है। आगामी जनवरी में दुनिया एक बार फिर जयपुर आएगी।”
नमिता गोखले (लेखिका व सह-संस्थापक/निदेशक, JLF)
